आज के कॉर्पोरेट जगत में हम में से कई लोग "सैंडविच जनरेशन" का हिस्सा हैं—एक ऐसी पीढ़ी जो अपने करियर की ऊंचाइयों को छूने की कोशिश कर रही है और साथ ही अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभा रही है।
दिन के 9-10 घंटे ऑफिस के काम और मीटिंग्स में बीत जाते हैं, लेकिन असली चिंता तब शुरू होती है जब आप घर लौटते हैं। जब माँ कहती हैं कि उन्हें धुंधला दिख रहा है, या पिताजी को अखबार पढ़ने में दिक्कत होती है, तो मन में घबराहट होने लगती है। आप उनके लिए सबसे अच्छा इलाज चाहते हैं, लेकिन समय की कमी और सही जानकारी न होने के कारण आप उलझ कर रह जाते हैं।
कॉर्पोरेट कर्मचारियों की बड़ी उलझनें
एक वर्किंग प्रोफेशनल के लिए माता-पिता के इलाज की राह आसान नहीं होती:
अस्पतालों की भागदौड़: आपके पास इतना समय नहीं होता कि आप पांच अलग-अलग अस्पतालों में जाकर खुद जानकारी जुटाएं।
इंश्योरेंस का चक्कर: कॉर्पोरेट इंश्योरेंस एक बड़ी सुविधा है, लेकिन यह पता लगाना कि कौन सा अस्पताल आपके पैनल में है और वहां कैशलेस सुविधा मिलेगी या नहीं, यह अपने आप में एक सिरदर्द बन जाता है।
खर्चों की अनिश्चितता: ज्यादातर मामलों में, अस्पताल के बिल काउंटर पर पहुंचने तक आपको सही खर्च का अंदाजा ही नहीं होता। यह अस्पष्टता मानसिक तनाव को और बढ़ा देती है।
[Image: एक फ्लोचार्ट जो पुराने मुश्किल तरीके और HealAssist के आसान तरीके के बीच अंतर दिखाता है]
यह सिर्फ आपके माता-पिता की बात नहीं—आपकी भी है
अपनों की फिक्र में हम अक्सर अपनी आंखों को नजरअंदाज कर देते हैं। घंटों लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताने से "डिजिटल आई स्ट्रेन" (आंखों का तनाव) एक गंभीर समस्या बन चुका है। बार-बार सिरदर्द होना, आंखों में सूखापन या जलन इसके लक्षण हैं। जितना जरूरी माता-पिता का चेकअप है, उतना ही जरूरी आपके लिए भी समय पर जांच कराना है।
[Image: डिजिटल आई स्ट्रेन से प्रभावित आंखों के हिस्सों को दिखाता हुआ चित्र]
इलाज से पहले स्पष्टता: हमारा वादा
HealAssist में हम मानते हैं कि आपका समय कीमती है। हमने कॉर्पोरेट प्रोफेशल्स और बेहतरीन अस्पतालों के बीच एक ऐसा पुल बनाया है जहाँ इलाज का मतलब उलझन नहीं, बल्कि भरोसा है।
आसान नेविगेशन: अब आपको अस्पतालों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। आप अपने फोन से ही बेहतरीन और भरोसेमंद अस्पतालों की तुलना कर सकते हैं।
खर्चों की पारदर्शिता: हम इलाज से पहले ही आपको संभावित खर्चों की सही जानकारी देते हैं, ताकि बाद में कोई सरप्राइज न मिले।
इंश्योरेंस में मदद: हम आपको बताते हैं कि आपके कॉर्पोरेट इंश्योरेंस के हिसाब से कौन सा अस्पताल सही रहेगा, ताकि कागजी कार्रवाई का बोझ आप पर न पड़े।
आप अपने करियर और परिवार के साथ बिताए जाने वाले पलों पर ध्यान दें, अस्पताल और इलाज की उलझनों को हम पर छोड़ दें।
खोजें कम, इलाज पर ध्यान दें ज्यादा।